समय-रेखा

मिशन का इतिहास

एक पंद्रह वर्ष के लड़के के सत्य-संकल्प से आरम्भ हुई यह यात्रा दशकों की साधना से होते हुए 1996 में निष्काम कर्म साधना तक पहुँची — और आज भी अटूट है।

1944 – 1990

आध्यात्मिक यात्रा

1996 से पूर्व का यह काल पूर्णतः आत्म-कल्याण और सत्य की खोज का है — यह मिशन का संगठनात्मक ‘स्थापना-वर्ष’ नहीं है।

  1. बाल्यकाल में श्री नन्दकिशोर शारदा
    1944

    भैया जी का जन्म

    जोधपुर में श्री नन्दकिशोर शारदा का जन्म।

  2. ध्यानमग्न भैया जी
    1959

    वैराग्य का संकल्प

    पिता के देहावसान के पश्चात्, 15 वर्ष की आयु में सत्य की खोज का संकल्प।

  3. माँ बसन्ती जी घर के पूजा-स्थल पर आराधना करते हुए
    1964

    माँ बसन्ती मनिहार का अध्यात्म-पथ पर आगमन

  4. मधु माँ पूजा-स्थल पर आराधना करते हुए
    1970

    कुमारी मधुबाला अडवानी का आगमन

  5. गोवा में समुद्र के मध्य एक चट्टान पर भैया जी
    1990

    चक्र धारण — गोवा

    दक्षिण भारत की यात्रा में समुद्र के मध्य एक चट्टान पर “अब मैं चक्र धारण करता हूँ।”

1995 – वर्तमान

निष्काम कर्म साधना

‘माँ’ की आज्ञा से 1996 में शिक्षा, संस्कार और मानव सेवा के प्रकल्प आरम्भ हुए। मिशन का लोक-कल्याणकारी कार्य यहीं से आरम्भ होता है।

  1. मणिद्वीप भवन, शास्त्री नगर, जोधपुर
    1995

    मणिद्वीप भवन

    ए-183, शास्त्री नगर में साधना-स्थली ‘मणिद्वीप’ बनकर तैयार; 10 जून 1995 को गृह-प्रवेश।

  2. स्वामी विवेकानन्द स्टूडेन्ट्स वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट का शिलापट्ट
    1996

    निष्काम कर्म साधना का आरम्भ

    ‘माँ’ की आज्ञा से शिक्षा, संस्कार, छात्रवृत्ति एवं मानव सेवा के प्रकल्पों का शुभारम्भ। यहीं से मिशन का लोककल्याणकारी कार्य आरम्भ होता है।

  3. माँ शारदामणि ट्रस्ट द्वारा छात्रवृत्ति वितरण
    2001

    माँ शारदामणि ट्रस्ट की स्थापना

    विद्यालय-शिक्षा के आगे, उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा में बालिकाओं को छात्रवृत्ति सहयोग हेतु।

  4. ज्ञान गंगा मिशन द्वारा प्रकाशित ग्रंथ का विमोचन
    2003

    भैया जी चैतन्यस्वरूप; माँ बसन्ती का नेतृत्व

    16 अप्रैल 2003 को सद्साहित्य प्रकाशन हेतु ‘श्री नन्दकिशोर शारदा ज्ञान गंगा मिशन’ की स्थापना।

  5. ज्ञानयोगी अध्यात्म केन्द्र से छात्रवृत्ति सहयोग
    2010

    ज्ञानयोगी श्री नन्दकिशोर शारदा अध्यात्म केन्द्र की स्थापना

    जरूरतमंद छात्रों (बालक) को छात्रवृत्ति हेतु।

  6. जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न किट देते हुए
    2020

    मासिक खाद्यान्न वितरण का आरम्भ

    कोरोना काल में जोधपुर एवं बालोतरा जिले के जरूरतमंद परिवारों हेतु।

  7. मधु माँ, भैया जी और माँ बसन्ती जी के चित्रों के साथ
    2021

    मधु माँ का नेतृत्व

    माँ बसन्ती के चैतन्यस्वरूप होने के उपरान्त मधु माँ समस्त आध्यात्मिक एवं सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रही हैं।

  8. सिद्धपीठ में निःशुल्क योग एवं प्राणायाम कक्षा
    2022

    योग, प्राणायाम एवं ध्यान कक्षाओं का शुभारम्भ

    10 जून 2022 से सिद्धपीठ (कबूतरों का चौक) में आमजन के लिए प्रतिदिन निःशुल्क योग कक्षाएँ आरम्भ, जो निरन्तर जारी हैं।

  9. सिलाई केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त करती महिलाएँ
    2025

    वात्सल्यमयी माँ बसन्ती जी मनिहार सिलाई केन्द्र की स्थापना

    वर्षों से जरूरतमंद महिलाओं को दिए जा रहे सिलाई-सहयोग को औपचारिक निःशुल्क प्रशिक्षण केन्द्र का रूप मिला।

यात्रा आगे बढ़ती रहती है

भैया जी से प्राप्त दृष्टि आज मधु माँ के नेतृत्व में — दिव्य ज्ञान के प्रचार-प्रसार और निष्काम सेवा, दोनों रूपों में — निरन्तर प्रवाहित है।